ज्ञानार्जन, तप व दान से संतुष्ट नहीं होना चाहिए – डॉ. ललित प्रकाश पटेरिया

अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के अंतर्गत आयोजित सात दिवसीय आवासीय ETI प्रशिक्षण कार्यक्रम का सप्तम दिवस अत्यंत उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।
प्रथम सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में श्री नितेश साहू, निज सहायक सचिव (माननीय मंत्री श्री तोखन साहू) उपस्थित रहे। उन्होंने कार्यक्रम अधिकारियों को संबोधित करते हुए युवा नेतृत्व के महत्व पर प्रकाश डाला तथा स्वयंसेवकों में निहित प्रतिभाओं को निखारकर उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर राज्य का प्रतिनिधित्व करने हेतु तैयार करने पर बल दिया।
द्वितीय सत्र में प्रशिक्षण का समापन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती एवं स्वामी विवेकानंद जी के चरणों में पुष्प अर्पित कर कुलगीत एवं लक्ष्यगीत के साथ हुई। तत्पश्चात अतिथियों का स्वागत किया गया।
कार्यक्रम समन्वयक डॉ. मनोज सिन्हा द्वारा अतिथियों का स्वागत करते हुए प्रशिक्षण शिविर का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में कुलपति डॉ. ललित प्रकाश पटेरिया ने अपने उद्बोधन में कहा कि व्यक्ति को ज्ञानार्जन, तप एवं दान के प्रति कभी भी संतुष्ट नहीं होना चाहिए तथा शांत रहकर और मूक रहकर निरंतर कार्य करते रहना चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा संचालित राष्ट्रीय सेवा योजना की सामाजिक गतिविधियों की सराहना की।
विशिष्ट अतिथि कुलसचिव डॉ. तारणीश गौतम ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशिक्षण के माध्यम से निरंतर नित-नूतन बातें सीखने को मिलती हैं तथा लेखन कला को निरंतर बनाए रखना चाहिए। छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. एच.एस. होता ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षणों से नई ऊर्जा का संचार होता है, एक-दूसरे से नवाचार प्राप्त होते हैं और ये अनुभव उत्तरोत्तर प्रगति में सहायक सिद्ध होते हैं। उन्होंने प्रशिक्षण की सफल पूर्णता पर सभी को शुभकामनाएं देते हुए NSS के माध्यम से सक्रिय सेवा कार्यों के निष्पादन हेतु प्रेरित किया।
इस अवसर पर प्रशिक्षणार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए। तत्पश्चात प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए।
कार्यक्रम का सफल संचालन प्रशिक्षण सहायक यूपेश कुमार द्वारा किया गया तथा आभार प्रदर्शन प्रशिक्षण सहायक डॉ. रीना ताम्रकार द्वारा किया गया। कार्यक्रम में डॉ.अतुल दुबे एवं डॉ. कलाधर की उपस्थिति रही। साथ ही श्री भूपदेव चंद्राकर, श्री विनोद कौशिक एवं श्री दाताराम प्रजापति का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।
अंत में कार्यक्रम का समापन “हम होंगे कामयाब” गीत के साथ भावपूर्ण वातावरण में किया गया।
इस प्रकार सात दिवसीय ETI प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसने कार्यक्रम अधिकारियों को सामाजिक सेवा, नेतृत्व एवं राष्ट्र निर्माण की दिशा में नई ऊर्जा एवं प्रेरणा प्रदान की।