बिलासपुर फिटनेस सेंटरों में रेडियम व बारकोड को लेकर वाहन मालिकों का विरोध

निजी कंपनी पर मनमानी वसूली और उत्पीड़न का आरोप, कलेक्टर से जांच की मांग

बिलासपुर। जिला बिलासपुर के परिवहन विभाग अंतर्गत संचालित वाहन फिटनेस सेंटरों में कथित अनियमितताओं, मनमानी शुल्क वसूली एवं वाहन मालिकों के उत्पीड़न को लेकर वाहन मालिकों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। समस्त वाहन मालिकों ने कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी संजय अग्रवाल को आवेदन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच एवं दोषियों पर कठोर कार्यवाही की मांग की है।

वाहन मालिकों का आरोप है कि फिटनेस सेंटरों में निजी कंपनी द्वारा जबरन रेडियम एवं बारकोड लगवाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। आवेदन में कहा गया है कि जिन वाहनों में पहले से मानक अनुरूप रेडियम लगा हुआ है, उन्हें भी अमान्य बताकर पुनः निजी कंपनी “ओराफोल” का रेडियम लगवाने के लिए बाध्य किया जाता है। वाहन मालिकों ने आरोप लगाया कि यदि वे ऐसा नहीं करवाते हैं तो उनकी फिटनेस प्रक्रिया जानबूझकर लंबित कर दी जाती है और वाहनों को सेंटर में खड़ा रखा जाता है।

वाहन मालिकों ने यह भी आरोप लगाया कि रेडियम एवं बारकोड लगाए जाने संबंधी शासन अथवा परिवहन विभाग का कोई स्पष्ट आदेश प्रदर्शित नहीं किया जाता, जबकि फिटनेस के नाम पर निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूले जाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। दूर-दराज क्षेत्रों से आने वाले वाहन चालकों एवं मालिकों को कई-कई दिनों तक चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जिससे आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक परेशानी भी बढ़ रही है।

आवेदन में कहा गया है कि बिलासपुर जिले को विभिन्न क्षेत्रों के फिटनेस सेंटरों का केंद्र बनाए जाने के कारण यहां बड़ी संख्या में वाहन मालिक पहुंचते हैं, लेकिन सुविधाओं एवं पारदर्शिता के अभाव में उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

वाहन मालिकों ने कलेक्टर से मांग की है कि रेडियम एवं बारकोड संबंधी शासन के आदेश सार्वजनिक किए जाएं, फिटनेस सेंटरों में निर्धारित शुल्क सूची अनिवार्य रूप से प्रदर्शित कराई जाए तथा अवैध व अतिरिक्त वसूली पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं संबंधित निजी कंपनी के विरुद्ध सख्त कार्यवाही करने की मांग भी की गई है।

इस संबंध में आवेदन की प्रतिलिपि पुलिस अधीक्षक कार्यालय, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी कार्यालय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर), परिवहन विभाग छत्तीसगढ़ शासन, उपभोक्ता संरक्षण विभाग, लोक शिकायत एवं जनशिकायत निवारण विभाग, संभागीय आयुक्त कार्यालय, जिला परिवहन सुरक्षा समिति तथा मुख्यमंत्री जनदर्शन प्रकोष्ठ को भी प्रेषित की गई है।