कथित झोलाछाप राघव वर्मा चला रहा मल्टी स्पेशलिटी नर्सिंग होम, आयुष्मान में भी भारी लूट के आरोप

राजनांदगांव (संस्कारधानी)।
छत्तीसगढ़ की संस्कारधानी राजनांदगांव में स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि राघव वर्मा नामक व्यक्ति, जो स्वयं झोलाछाप बताया जा रहा है, एमबीबीएस डॉक्टरों की डिग्री का कथित दुरुपयोग कर एक बड़े मल्टी स्पेशलिटी नर्सिंग होम का संचालन कर रहा है।
सूत्रों के अनुसार राघव वर्मा अपने करीबी लोगों के माध्यम से गांव-गांव झोलाछाप डॉक्टरों और मितानिनों से संपर्क कर कमीशन का खेल चला रहा है, जहां प्रत्येक मरीज के बदले मोटी रकम देने की बात सामने आ रही है।
मल्टी स्पेशलिटी के नाम पर डायग्नोसिस का खेल
नियमों के अनुसार किसी भी मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में सोनोग्राफी, सीटी स्कैन, एमआरआई जैसी अनिवार्य सुविधाएं स्वयं अस्पताल में होना जरूरी है, लेकिन आरोप है कि सारे गंभीर मामलों को विधि डायग्नोसिस भेजा जाता है, जिससे दोनों संस्थानों के बीच कथित सांठगांठ की ओर इशारा मिलता है।
आयुष्मान योजना में भी कथित अवैध वसूली
प्रेस रिपोर्टर क्लब के प्रदेश संरक्षक शिव शंकर सिंह गौर के अनुसार उनके पास कई पर्चियां और दस्तावेज उपलब्ध हैं, जिनसे यह आरोप सामने आया है कि
आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद मरीजों से अलग से पैसे मांगे जाते हैं।
संजीवनी हॉस्पिटल में आयुष्मान इलाज के नाम पर 30 हजार से 3 लाख रुपए तक अतिरिक्त वसूली की जाती है।
मरीजों को डराया जाता है कि आयुष्मान पैकेज में “कमजोर हार्ट स्टेंट” लगेगा, जो 2 साल में खराब हो जाएगा।
इसी डर का फायदा उठाकर महंगे इलाज और अतिरिक्त भुगतान के लिए मजबूर किया जाता है।
ग्रामीण इलाकों में कमीशन नेटवर्क की होगी जांच
प्रदेश संरक्षक शिव शंकर सिंह गौर ने साफ कहा है कि
“आने वाले समय में प्रेस रिपोर्टर क्लब ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर यह पता लगाएगा कि झोलाछाप डॉक्टरों को कितने प्रतिशत कमीशन पर मरीज भेजने को मजबूर किया जा रहा है। हमारे पास पर्याप्त सबूत हैं और जल्द ही इसकी लिखित शिकायत शासन-प्रशासन को सौंपी जाएगी।”
विधि डायग्नोसिस और संजीवनी हॉस्पिटल के गहरे संबंधों पर सवाल
सूत्रों का दावा है कि विधि डायग्नोसिस और संजीवनी हॉस्पिटल के बीच गहरा आपसी तालमेल है, जिसके चलते मरीजों का आर्थिक और मानसिक शोषण हो रहा है।
अब बड़ा सवाल यह है कि —
❓ CMHO, स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन कब जागेगा?
❓ क्या झोलाछाप डॉक्टरों और अस्पताल माफिया पर कार्रवाई होगी या फिर संरक्षण जारी रहेगा?
प्रेस रिपोर्टर क्लब ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो यह मामला जन आंदोलन का रूप ले सकता है।