
राजनांदगांव।संस्कारधानी में इलाज नहीं, अब पूरा सिस्टम सवालों के घेरे में है। शहर के विधि डायग्नोसिस को लेकर विश्वसनीय सूत्रों से ऐसे संकेत सामने आए हैं, जिनसे रेफरल की वैधता, कथित कमीशन नेटवर्क और PC&PNDT एक्ट के अनुपालन पर गंभीर संदेह उत्पन्न हुआ है।
सूत्रों के अनुसार शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय कुछ संपर्ककर्ता मरीजों को विशेष डायग्नोस्टिक सेंटर तक पहुंचाने की भूमिका निभाते हैं—हालांकि इन दावों की पुष्टि जांच के बाद ही संभव होगी।
🔥 किसकी पर्ची, किसकी जिम्मेदारी?
सूत्रों का दावा है कि विभिन्न प्रकार की पर्चियों पर जांच कराए जाने की प्रवृत्ति चर्चा में है, जिससे कई अहम सवाल खड़े होते हैं—
क्या रेफरल करने वाले डॉक्टर पंजीकृत और अधिकृत हैं?
जांच का चिकित्सकीय औचित्य क्या है?
क्या कहीं नियमों की अनदेखी तो नहीं हो रही?
⚠️ ग्रामीण महिलाओं की शिकायत से बढ़ी हलचल
प्रेस रिपोर्टर क्लब के प्रदेश अध्यक्ष संजय सोनी के पास ग्रामीण गर्भवती महिलाओं की शिकायतें पहुंची हैं। शिकायतों में आरोप है कि उन्हें निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों की ओर निर्देशित किया गया।
प्रदेश अध्यक्ष संजय सोनी का स्पष्ट बयान—
“हम मितानिनों और गर्भवती महिलाओं से जमीनी स्तर पर मिलकर पूछेंगे कि उन्हें सोनोग्राफी के लिए किसने भेजा, किस कारण से भेजा और किस सेंटर में जांच कराई गई।”
📜 Form-F और PC&PNDT एक्ट—अब दस्तावेज बोलेंगे
प्रेस रिपोर्टर क्लब ने साफ किया है कि पूरी कार्रवाई कानून के दायरे में की जाएगी—
संबंधित मामलों के Form-F की जानकारी RTI के माध्यम से मांगी जाएगी
रेफरल की वैधता और पूर्णता की जांच
सोनोग्राफी, ब्लड टेस्ट व अन्य जांच पर्चियों का दस्तावेजी संकलन
तथ्यों के आधार पर CMHO और कलेक्टर को विधिवत शिकायत
प्रदेश अध्यक्ष ने दो टूक कहा—
“उद्देश्य किसी को बदनाम करना नहीं है। यदि कानून का उल्लंघन हुआ है, तो तथ्य सामने लाना हमारी जिम्मेदारी है।”
👁️ CHO–RHO–RMA की निगरानी में होगी जमीनी जांच
प्रेस रिपोर्टर क्लब ने यह भी स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान CHO, RHO एवं RMA स्तर की निगरानी को ध्यान में रखते हुए झोलाछाप डॉक्टरों की पर्चियों, ब्लड टेस्ट, अन्य जांच रेफरल की भी पड़ताल की जाएगी और ठोस साक्ष्य मिलने पर विधिवत शिकायत दर्ज कराई जाएगी।
❓ अब निर्णायक सवाल
क्या PC&PNDT एक्ट का शत-प्रतिशत पालन हो रहा है?
क्या Form-F सही, पूर्ण और नियमों के अनुरूप भरा जा रहा है?
और यदि नहीं—तो जवाबदेही किसकी?
प्रेस रिपोर्टर क्लब ने चेतावनी दी है कि निष्कर्ष आने तक संयम रखा जाएगा, लेकिन तथ्य सामने आते ही कार्रवाई की मांग पूरी ताकत से की जाएगी।
