

बिलासपुर। दगोरी स्थित पावर प्लांट से अचानक काम से निकाले गए मजदूरों के समर्थन में आज छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने जिला कलेक्टर बिलासपुर को लिखित शिकायत सौंपकर कड़ा विरोध दर्ज कराया।
संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि मजदूरों ने प्लांट में सुरक्षा उपकरण, बुनियादी श्रमिक सुविधा और उचित कार्य व्यवस्था की मांग की थी। इसके बदले में कंपनी प्रबंधन ने उन मजदूरों को ही काम से बाहर कर दिया, जो पूरी ईमानदारी से वर्षों से प्लांट में कार्य कर रहे थे।
छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने जिला कलेक्टर से मांग करते हुए कहा कि––
निकाले गए मजदूरों को तुरंत पुनः कार्य पर रखा जाए।
उनका बकाया वेतन और अन्य देयकों का भुगतान कराया जाए।
श्रमिकों को मिलने वाली सुरक्षा व मूलभूत सुविधाओं की जिला प्रशासन से स्वतंत्र जांच करवाई जाए।
कंपनी प्रबंधन द्वारा श्रम कानूनों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाए।
संगठन के जिला संयोजक अनिल कुमार पाली ने कहा कि “श्रमिकों को सुरक्षा उपकरण मांगने पर निकाल देना दुर्भाग्यपूर्ण और अमानवीय है। छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना मजदूरों के साथ खड़ी है और न्याय दिलाने हर स्तर पर संघर्ष करेगी।”
शिकायत सौंपने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में संगठन के विभिन्न पदाधिकारी और दगोरी पावर प्लांट के प्रभावित मजदूर उपस्थित रहे।


