
राजनांदगांव ।प्रेस रिपोर्टर क्लब की प्रदेश स्तरीय टीम अब जिले के ग्रामीण अंचलों में सक्रिय भूमिका निभाने जा रही है। प्रदेश संरक्षक शिव शंकर सिंह गौर एवं प्रदेश अध्यक्ष संजय सोनी के नेतृत्व में क्लब की टीम गांव-गांव जाकर मितानिनों से सीधा संपर्क स्थापित करेगी और यह जानकारी एकत्र करेगी कि किन-किन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, उप स्वास्थ्य केंद्र एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों द्वारा सोनोग्राफी लिखी जा रही है।
प्रेस रिपोर्टर क्लब का आरोप है कि इन सोनोग्राफी पर्चियों के आधार पर ग्रामीण और शहरी गरीब मरीजों को निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों की ओर जबरन मोड़ा जा रहा है, जहां उनसे मनमाने ढंग से भारी रकम वसूली जा रही है। यह पूरा नेटवर्क एक संगठित सोनोग्राफी माफिया के रूप में कार्य कर रहा है, जो शासन की योजनाओं और कानूनों को खुली चुनौती दे रहा है।
प्रदेश संरक्षक शिव शंकर सिंह गौर ने कहा कि “मितानिन ही गांव की जमीनी सच्चाई जानती हैं। उन्हीं के माध्यम से यह उजागर किया जाएगा कि सरकारी अस्पतालों से किस तरह निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों को लाभ पहुंचाया जा रहा है।”
वहीं प्रदेश अध्यक्ष संजय सोनी ने स्पष्ट किया कि “प्रेस रिपोर्टर क्लब की टीम स्वयं ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर साक्ष्य जुटाएगी। दोषी डॉक्टरों, दलालों और अवैध डायग्नोस्टिक सेंटरों का नाम सामने लाकर उन्हें कानून के कटघरे में खड़ा किया जाएगा।”
क्लब द्वारा एकत्र की गई समस्त जानकारी और प्रमाणों के आधार पर जिला कलेक्टर राजनांदगांव एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को लिखित शिकायत सौंपी जाएगी। शिकायत में स्पष्ट रूप से स्वास्थ्य अधिनियम, क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट, तथा पीसीपीएनडीटी एक्ट (PC & PNDT Act) की संबंधित धाराओं का उल्लेख करते हुए दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की जाएगी।
प्रेस रिपोर्टर क्लब का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की, तो यह मामला जनहित याचिका, जन आंदोलन और राज्य स्तरीय खुलासे तक ले जाया जाएगा।
ग्रामीणों के स्वास्थ्य से हो रहे इस खुले खिलवाड़ पर अब प्रेस रिपोर्टर क्लब ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।
