संजीवनी हॉस्पिटल राजनांदगांव पर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो न्यायालय और आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा— शिव शंकर सिंह गौर , प्रदेश संरक्षक, प्रेस रिपोर्टर क्लब

राजनांदगांव।प्रेस रिपोर्टर क्लब, छत्तीसगढ़ की ओर से यह स्पष्ट किया जाता है कि राजनांदगांव स्थित संजीवनी हॉस्पिटल में डोंगरगढ़ निवासी गरीब महिला विद्या संगोड़े के साथ हुई गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि संगठित मेडिकल अपराध है।
डिलीवरी के दौरान संजीवनी हॉस्पिटल के डॉक्टर राघव वर्मा की लापरवाही के कारण पीड़िता के मल्टीपल ऑर्गन फेल हुए, जिसके बाद उसे इलाज के लिए दर-दर भटकना पड़ा। अत्यधिक संघर्ष और दबाव के बाद अंततः एम्स रायपुर में उसका किडनी ट्रांसप्लांट हुआ। यह घटना निजी अस्पतालों में गरीब मरीजों के साथ हो रहे अमानवीय व्यवहार का जीवंत प्रमाण है।
इस गंभीर मामले में राज्य स्तरीय जांच समिति गठित की गई, रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई, किंतु अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज तक—
न संजीवनी हॉस्पिटल पर कोई दंडात्मक कार्रवाई हुई,
न डॉक्टर राघव वर्मा पर एफआईआर दर्ज हुई,
न ही हॉस्पिटल का लाइसेंस निलंबित किया गया।
यह स्थिति स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि संजीवनी हॉस्पिटल को प्रशासनिक, स्वास्थ्य विभागीय और राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है।
प्रेस रिपोर्टर क्लब यह भी गंभीर आपत्ति दर्ज कराता है कि संजीवनी हॉस्पिटल की अवैध पार्किंग चिखली रोड की सार्वजनिक सड़क पर संचालित है, जिससे आम नागरिकों की जान को प्रतिदिन खतरा बना रहता है। इसके बावजूद नगर निगम प्रशासन की चुप्पी भ्रष्टाचार और मिलीभगत की ओर इशारा करती है।
प्रेस रिपोर्टर क्लब का स्पष्ट अल्टीमेटम-
प्रेस रिपोर्टर क्लब के प्रदेश संरक्षक शिव शंकर सिंह गौर की ओर से यह स्पष्ट चेतावनी दी जाती है कि—
यदि शीघ्र ही
संजीवनी हॉस्पिटल राजनांदगांव पर कठोर कार्रवाई,
डॉक्टर राघव वर्मा के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण (FIR),
राज्य जांच समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक,
अवैध पार्किंग पर नगर निगम द्वारा दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाती है, तो प्रेस रिपोर्टर क्लब न्यायालय में जनहित याचिका (PIL) दायर करेगा।
राज्यव्यापी आंदोलन और विरोध प्रदर्शन करेगा और इस मेडिकल माफिया को जनता के सामने पूरी तरह बेनकाब करेगा।
यह लड़ाई केवल विद्या संगोड़े की नहीं, बल्कि हर उस गरीब और असहाय मरीज की है, जो निजी अस्पतालों में शोषण का शिकार हो रहा है।
प्रेस रिपोर्टर क्लब चुप नहीं बैठेगा।
न्याय होगा—या संघर्ष होगा।

— शिव शंकर सिंह गौर
प्रदेश संरक्षक
प्रेस रिपोर्टर क्लब, छत्तीसगढ़