सुशासन तिहार में गूंजी जनता की आवाज, मूलभूत सुविधाओं की मांग तेज

पानी, बिजली, सड़क और आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझ रहे नागरिक; पार्षद अब्दुल इब्राहिम खान ने उठाए जनसमस्याओं के गंभीर मुद्दे

बिलासपुर।नगर निगम बिलासपुर के जोन क्रमांक 06 अंतर्गत इशिका पार्क में आयोजित सुशासन तिहार में गणेश नगर वार्ड क्रमांक 46 के नागरिकों ने बड़ी संख्या में भागीदारी करते हुए क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं एवं विकास संबंधी मांगों को प्रशासन के समक्ष रखा। शिविर में वार्ड से लगभग 250 से 300 आवेदन जमा किए गए, जिनमें अधिकांश आवेदन मूलभूत सुविधाओं एवं अधोसंरचना विकास से जुड़े रहे।

आवेदनों में सड़क निर्माण, नाली निर्माण, पेयजल व्यवस्था में सुधार, नई पानी टंकी निर्माण, बोर पंप खनन, बिजली पोल एवं ट्रांसफार्मर स्थापना, सतनाम भवन निर्माण, गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को आवास एवं पट्टा वितरण, मुक्तिधाम में चौकीदार एवं पीली पर्ची व्यवस्था, गार्डन जीर्णोद्धार, आंगनबाड़ी एवं स्कूल भवनों के सुधार सहित अनेक जनहित के विषय प्रमुख रूप से शामिल रहे।

वार्ड क्रमांक 46 के पार्षद अब्दुल इब्राहिम खान ने सुशासन तिहार के दौरान क्षेत्र की जमीनी समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि आज भी नागरिक मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से बिजली व्यवस्था को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भीषण गर्मी के बीच कई क्षेत्रों में 6 से 8 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। इससे आम नागरिकों, बुजुर्गों, महिलाओं, विद्यार्थियों एवं छोटे व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

पार्षद ने कहा कि जब नागरिक बिजली संबंधी शिकायत लेकर विभागीय अधिकारियों के पास पहुंचते हैं तो कई बार कर्मचारियों और संसाधनों की कमी का हवाला दिया जाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब विकास और सुशासन के दावे किए जा रहे हैं, तब लोगों को बिजली जैसी मूलभूत सुविधा के लिए बार-बार परेशान क्यों होना पड़ रहा है।

उन्होंने पेयजल समस्या को भी गंभीर बताते हुए कहा कि भीषण गर्मी में पानी की उपलब्धता सबसे बड़ी आवश्यकता है, लेकिन अनेक स्थानों पर लोग पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं। यदि किसी मोहल्ले में पानी सप्लाई करने वाला मोटर पंप खराब हो जाता है तो उसे बदलने या मरम्मत कराने में 25 से 30 दिनों तक का समय लग जाता है। इससे पूरे क्षेत्र के लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि कई बार छोटी-छोटी लीकेज और पाइपलाइन संबंधी समस्याओं के समाधान में भी अनावश्यक विलंब होता है, जिससे नागरिकों की परेशानी और बढ़ जाती है।

पार्षद ने कहा कि क्षेत्र में सड़क निर्माण और मरम्मत की समस्या भी लंबे समय से बनी हुई है। कई मोहल्लों की सड़कें जर्जर स्थिति में हैं, जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा है और बरसात के दिनों में लोगों की मुश्किलें और बढ़ जाती हैं। उन्होंने मांग की कि सड़क, नाली, पेयजल और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं के विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।

उन्होंने बताया कि पिछले सुशासन तिहार में भी क्षेत्रवासियों द्वारा बड़ी संख्या में आवेदन प्रस्तुत किए गए थे, लेकिन अनेक मामलों में आज तक निराकरण नहीं हो पाया है। जनता ने उम्मीद के साथ आवेदन दिए थे, किंतु समस्याओं का समाधान नहीं होने से लोगों में निराशा बढ़ रही है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि इस बार प्राप्त आवेदनों पर गंभीरता से कार्रवाई करते हुए समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

पार्षद अब्दुल इब्राहिम खान ने फदहाखार क्षेत्र की समस्याओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि लगभग 15 हजार की आबादी वाला यह क्षेत्र आज भी आवास, पट्टा, पेयजल, सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है। उन्होंने मांग की कि क्षेत्रवासियों को वैधानिक अधिकारों के साथ आवश्यक नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए।

उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों का दायित्व केवल जनता की समस्याओं को सुनना नहीं, बल्कि उनके समाधान के लिए शासन-प्रशासन तक मजबूती से आवाज पहुंचाना भी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि क्षेत्र के विकास और नागरिक सुविधाओं के विस्तार के लिए उनका प्रयास लगातार जारी रहेगा।

सुशासन तिहार में प्राप्त सैकड़ों आवेदनों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि क्षेत्र की जनता अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं है, बल्कि पानी, बिजली, सड़क, आवास और अन्य मूलभूत सुविधाओं के त्वरित एवं स्थायी समाधान की अपेक्षा रखती है। अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इन मांगों और शिकायतों के निराकरण के लिए कितनी गंभीरता और तत्परता दिखाता है।