जब बीईओ खुद बन गए विद्यार्थी!

पुछेली विद्यालय के औचक निरीक्षण में बसंत चतुर्वेदी ने बच्चों के बीच बैठकर पूरी विज्ञान की कक्षा की, शिक्षकों के नवाचार और विद्यार्थियों की सहभागिता की सराहना

पुछेली। शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला पुछेली में सोमवार को उस समय प्रेरणादायक माहौल देखने को मिला, जब विकासखंड शिक्षा अधिकारी बसंत चतुर्वेदी औचक निरीक्षण के लिए विद्यालय पहुंचे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने केवल व्यवस्थाओं का जायजा ही नहीं लिया, बल्कि स्वयं एक विद्यार्थी की भूमिका निभाते हुए बच्चों के बीच बैठकर पूरी कक्षा में सहभागिता की। उनके इस सहज और प्रेरक व्यवहार ने विद्यार्थियों तथा शिक्षकों का उत्साह बढ़ा दिया।

सुबह 10 बजे विद्यालय पहुंचने पर प्रार्थना सभा का आयोजन हुआ। प्रधान पाठक सुन्दर सिंह कंवर के हारमोनियम वादन के साथ संगीतबद्ध प्रार्थना प्रारंभ हुई। इस अवसर पर बसंत चतुर्वेदी ने स्वयं सरस्वती वंदना में स्वर मिलाकर विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। उनकी सहभागिता से विद्यालय का वातावरण और अधिक प्रेरणादायक बन गया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्टाफ रूम में बैठने के बजाय सीधे कक्षा सातवीं का रुख किया। विज्ञान विषय की कक्षा में वे विद्यार्थियों के बीच एक छात्र की तरह बैठ गए और पूरे अध्यापन को गंभीरता एवं रुचि के साथ देखा। इससे विद्यार्थियों में आत्मविश्वास और सीखने की उत्सुकता स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

विज्ञान शिक्षक महेंद्र सिंह ध्रुवे ने सुचालक एवं कुचालक, तत्व, यौगिक तथा मिश्रण जैसे विषयों को सरल, रोचक और गतिविधि आधारित तरीके से समझाया। विद्यार्थियों ने भी पूरे उत्साह के साथ प्रश्नों के उत्तर दिए और अपनी विषयगत समझ का प्रभावी प्रदर्शन किया।

कक्षा के पश्चात विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने विद्यार्थियों की फेयर कॉपियों का अवलोकन किया, उन पर हस्ताक्षर किए तथा बच्चों की अध्ययन रुचि, अनुशासन और सीखने की गुणवत्ता की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तभी संभव है, जब शिक्षक और विद्यार्थी दोनों सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय सहभागिता निभाएं।

निरीक्षण के अंत में बसंत चतुर्वेदी ने विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों, अनुशासित वातावरण एवं बेहतर संचालन के लिए प्रधान पाठक सुन्दर सिंह कंवर सहित समस्त शिक्षक स्टाफ की सराहना करते हुए इसी समर्पण और नवाचार के साथ कार्य करते रहने का आह्वान किया।