
जांजगीर-चांपा।जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम पंचायत जग महंत में वन संपदा के दोहन का गंभीर मामला सामने आया है। यहां अर्जुन (कौहा) जैसे महत्वपूर्ण और उपयोगी वृक्षों की लकड़ी को अवैध रूप से काटकर आरा मशीनों में चिराई की जा रही है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार यह कार्य लंबे समय से चल रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाया है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में कई जगहों पर रात के समय लकड़ी की ढुलाई और चिराई की गतिविधियां खुलेआम हो रही हैं।
वन विभाग की निष्क्रियता या संभावित मिलीभगत के चलते यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है, जिससे पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है। अर्जुन (कौहा) का वृक्ष औषधीय और पर्यावरणीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, जिसकी अंधाधुंध कटाई जैव विविधता और जलवायु संतुलन के लिए गंभीर खतरा बन रही है।
👉 अब बड़ा सवाल यह उठता है कि
क्या वन विभाग को इस अवैध चिराई की जानकारी नहीं है, या फिर जानबूझकर अनदेखी की जा रही है?
👉 प्रेस रिपोर्टर क्लब पूछता है सवाल — प्रदेश अध्यक्ष संजय सोनी
क्या इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी या फिर यह अवैध खेल यूं ही चलता रहेगा?
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की तत्काल जांच कर संबंधित आरा मशीनों पर कार्रवाई की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएं।
