तमनार की जन सुनवाई जनता हित में निरस्त करने सामाजिक कार्यकर्ता श्याम गुप्ता ने खून से लिखा प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को पत्र

जल-जंगल-जमीन बचाने की पुकार: रायगढ़ औद्योगिक प्रदूषण बना मानव और बेजुबान जीवों के लिए गंभीर खतरा

रायगढ़। तमनार क्षेत्र में प्रस्तावित जन सुनवाई को जनता हित में निरस्त कराने की मांग को लेकर प्रेस रिपोर्टर क्लब प्रदेश संरक्षक सामाजिक कार्यकर्ता श्याम गुप्ता ने एक बार फिर अनोखा और संवेदनशील कदम उठाया है। उन्होंने आज अपने खून से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी एवं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी को पत्र लिखकर आदिवासी बाहुल्य तमनार क्षेत्र में हो रहे औद्योगिक विस्तार पर गंभीर चिंता जताई। श्याम गुप्ता ने पत्र के माध्यम से कहा कि तमनार सहित पूरा रायगढ़ जिला औद्योगिक प्रदूषण की चपेट में आ चुका है, जिससे पर्यावरण, मानव जीवन और बेजुबान जीवों पर गहरा संकट मंडरा रहा है।

श्याम गुप्ता ने कहा कि तमनार आदिवासी बहुल क्षेत्र है, जहां जल, जंगल और जमीन ही लोगों की आजीविका और जीवन का आधार है। लगातार उद्योगों कोल माइंस की स्थापना, फर्जी जन सुनवाई और नियमों की अनदेखी से क्षेत्र की नदियां, जंगल और खेती योग्य भूमि नष्ट हो रही है। इसका सीधा असर आदिवासी समाज के अस्तित्व पर पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जन सुनवाई जनता की वास्तविक भागीदारी के बिना केवल औपचारिकता बनकर रह गई है।

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि रायगढ़ औद्योगिक क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर खतरनाक सीमा तक पहुंच चुका है। वायु, जल और भूमि प्रदूषण से सांस की बीमारियां, त्वचा रोग और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। साथ ही वन्य जीव, मवेशी और पक्षी भी इस प्रदूषण के कारण असमय मौत का शिकार हो रहे हैं।

श्याम गुप्ता ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से अपील की है कि वे स्वयं इस मामले में हस्तक्षेप कर तमनार की जन सुनवाई को जनता हित में निरस्त कराएं तथा जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए ठोस और संवेदनशील निर्णय लें। उन्होंने कहा कि यदि आज पर्यावरण नहीं बचाया गया, तो आने वाली पीढ़ियों को इसका भारी खामियाजा भुगतना पड़ेगा।