


बिलासपुर। आयुष्मान भारत योजना के नाम पर निजी अस्पतालों में हो रही अवैध वसूली के खिलाफ आज छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) बिलासपुर को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। संगठन ने इसे गरीब मरीजों के हितों से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की।
संगठन ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद अनेक निजी अस्पताल मरीजों से नकद पैसे की मांग कर रहे हैं। इलाज के बाद बिल या रसीद नहीं दी जा रही, जिससे स्पष्ट होता है कि अस्पताल प्रबंधन योजना का दुरुपयोग कर अवैध वसूली कर रहा है।
ज्ञापन में उठाए गए प्रमुख मुद्दे —
- निजी अस्पतालों में आयुष्मान योजना के नाम पर नकद लेनदेन और बिना बिल वसूली।
- मरीजों को गुमराह कर यह कहना कि “सरकारी प्रक्रिया में समय लगता है, पहले पैसा जमा करो।”
- योजना के तहत उपचार न देकर मरीजों को आर्थिक रूप से परेशान करना।
छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के जिला उपाध्यक्ष संजू भोयरा ने प्रसासन के समक्ष प्रमुख मांग किया है कि —
सभी निजी अस्पतालों में अचानक निरीक्षण अभियान चलाया जाए।
मरीजों और परिजनों से मौके पर बयान लेकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए।
जिन अस्पतालों में अवैध वसूली पाई जाए, उनका एम्पैनलमेंट तुरंत निरस्त किया जाए।
मरीजों से ली गई पूरी रकम वापस कराई जाए और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई हो।
स्वास्थ्य विभाग में शामिल ऐसे अधिकारियों की भी जांच हो, जो कार्रवाई में लापरवाही बरत रहे हैं।
छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना की चेतावनी
संगठन के युवा अध्यक्ष मनोज कौशिक ने साफ कहा है कि यदि स्वास्थ्य विभाग ने इस गंभीर मामले पर निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं की, तो छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होगी।
छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के जिला संयोजक अनिल कुमार पाली ने कहा— “गरीबों के इलाज के नाम पर की जा रही लूट अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आयुष्मान योजना गरीबों का अधिकार है, इसे भ्रष्टाचार का जरिया बनने नहीं दिया जाएगा।”
जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के जिला अध्यक्ष शैलू ठाकुर ने इस मामले में जनता से अपील की है कि यदि किसी भी निजी अस्पताल ने आयुष्मान योजना के तहत पैसे की मांग की है या बिल देने से इंकार किया है, तो तुरंत संगठन को इसकी सूचना दें ताकि ऐसे मामलों को सबूत सहित प्रशासन के सामने रखा जा सके।
