


राजनांदगांव (चिकली) —
संस्कारधानी राजनांदगांव के संजीवनी हॉस्पिटल, चिकली से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जिसमें आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत इलाज के बावजूद निजी राशि वसूली के आरोप लगाए गए हैं।
🔹 पीड़िता: फुला बाई जाटव
परिजनों के अनुसार, फुला बाई जाटव को इलाज के लिए संजीवनी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था।
परिजनों का कहना है कि महिला का इलाज आयुष्मान योजना के अंतर्गत होना था, इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन द्वारा ₹3,50,616 का बिल प्रस्तुत किया गया।
परिजनों का आरोप है कि —
इलाज के दौरान ₹1,00,000 रुपये नगद जमा कराए गए
बाद में ₹2.5 लाख रुपये एडवांस की मांग को लेकर दबाव बनाया गया
इसी बीच, भर्ती के लगभग 2 घंटे बाद ही महिला की मृत्यु हो गई, जिससे परिजनों में आक्रोश और सवाल खड़े हो गए।
📂 परिजनों के पास दस्तावेज होने का दावा
पीड़ित परिवार का कहना है कि उनके पास —
बिल की प्रतिलिपि
नगद जमा की रसीद
बैंक/लेनदेन से जुड़े स्टेटमेंट
कॉल रिकॉर्डिंग
जैसे दस्तावेज मौजूद हैं।
परिजनों ने इन तथ्यों के आधार पर जिला स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी को लिखित शिकायत भी सौंपी है।
⚖️ कार्रवाई न होने पर उठे सवाल
परिजनों का कहना है कि शिकायत देने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है, जिससे वे स्वयं को असहाय महसूस कर रहे हैं।
इस पूरे प्रकरण ने यह प्रश्न खड़ा कर दिया है कि —
आयुष्मान योजना के अंतर्गत इलाज की वास्तविक स्थिति क्या है?
निजी अस्पतालों में योजना के नियमों का पालन हो रहा है या नहीं?
शिकायतों पर समयबद्ध जांच क्यों नहीं हो पा रही?
🗣️ प्रेस रिपोर्टर क्लब, प्रदेश संरक्षक का पक्ष
प्रेस रिपोर्टर क्लब के प्रदेश संरक्षक शिव शंकर सिंह ने कहा—
“मामला अत्यंत संवेदनशील है।
यदि परिजनों द्वारा लगाए गए आरोप सत्य हैं, तो इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
हम प्रशासन से मांग करते हैं कि सभी दस्तावेजों की जांच कर,
तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।”
❗ निष्पक्ष जांच की मांग
मीडिया के माध्यम से संबंधित विभागों से यह अपेक्षा की जा रही है कि —
पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए
आयुष्मान योजना के नियमों के पालन की समीक्षा हो
दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए
✍️ प्रेस रिपोर्टर क्लब
(प्रदेश संरक्षक: शिव शंकर सिंह)
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