
बिलासपुर। चकरभाठा रेलवे स्टेशन का नाम बदलने के प्रस्ताव के विरोध में छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना बिलासपुर के द्वारा कड़ा विरोध दर्ज कराया गया। संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक एवं जिला कलेक्टर बिलासपुर के नाम एक विरोध पत्र सौंपते हुए स्टेशन का नाम यथावत बनाए रखने की मांग की।
छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के जिला संयोजक अनिक कुमार पाली ने कहा कि चकरभाठा रेलवे स्टेशन केवल एक स्टेशन नहीं, बल्कि इस क्षेत्र की ऐतिहासिक, सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान है। वर्षों से यह नाम स्थानीय जनता की भावनाओं, पहचान और दस्तावेजों से जुड़ा हुआ है। नाम परिवर्तन करना जनभावनाओं का अपमान है।
संगठन के पदाधिकारी मनोज कौशिक ने चेतावनी दी कि यदि चकरभाठा रेलवे स्टेशन का नाम बदलने का निर्णय वापस नहीं लिया गया, तो छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना जनआंदोलन करने को बाध्य होगी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि किसी भी स्थिति में स्थानीय पहचान के साथ छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के जिला उपाध्यक्ष संजू भोयरा ने कहा कि छत्तीसगढ़ के मंत्री छत्तीसगढ़िया पुरखा का अपमान कर रहें है, जहाँ छत्तीसगढ़ के पुरखों के रखे चौक, तालाबों के नाम को परिवर्तन किया जा रहा है उसी प्रकार अब रेलवे स्टेशन के नाम को बदलने की साजिश की जा रही है।
छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि चकरभाठा रेलवे स्टेशन का पारंपरिक और ऐतिहासिक नाम यथावत रखा जाए तथा छत्तीसगढ़ की जनता की भावना का सम्मान किया जाए।
