
कमीशनखोरी के खेल में आमजन के स्वास्थ्य से गंभीर खिलवाड़- प्रेस रिपोर्टर क्लब की सख्त चेतावनी
राजनांदगांव।जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की आड़ में एक गंभीर, संगठित और चिंताजनक अवैध तंत्र संचालित होने का मामला सामने आया है। राजनांदगांव के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में झोलाछाप डॉक्टर न केवल अवैध रूप से उपचार कर रहे हैं, बल्कि उनके द्वारा सोनोग्राफी, ब्लड टेस्ट एवं अन्य पैथोलॉजी जांच की पर्चियां भी खुलेआम लिखी जा रही हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि जिले के कई डायग्नोस्टिक सेंटर इन अवैध पर्चियों को बिना किसी वैध चिकित्सकीय सत्यापन के स्वीकार कर जांच कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार यह पूरा नेटवर्क कमीशन आधारित गठजोड़ के रूप में संचालित हो रहा है। डायग्नोस्टिक सेंटरों के एजेंट झोलाछाप डॉक्टरों से सीधे संपर्क में रहकर तयशुदा राशि के बदले मरीजों को विशेष सेंटरों में जांच के लिए भेज रहे हैं। इस प्रक्रिया में आर्थिक लाभ तो कमाया जा रहा है, लेकिन आम नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन को गंभीर खतरे में डाला जा रहा है।
कानूनों का खुला उल्लंघन
यह पूरा मामला कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य कानूनों का प्रत्यक्ष उल्लंघन है, जिनमें प्रमुख रूप से—
क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट (पंजीकरण एवं विनियमन) अधिनियम, 2010
राज्य चिकित्सा परिषद के नियम
पीसीपीएनडीटी अधिनियम, 1994
कानून के अनुसार—
किसी भी जांच की वैधता केवल पंजीकृत चिकित्सक द्वारा लिखी गई सलाह पर ही होती है।
सोनोग्राफी जैसी जांच अधिकृत चिकित्सकीय सलाह के बिना अपराध की श्रेणी में आती है।
प्रत्येक डायग्नोस्टिक सेंटर को एपी-16 फॉर्म में यह स्पष्ट दर्ज करना अनिवार्य है कि जांच किस पंजीकृत डॉक्टर द्वारा लिखी गई है।
इसके बावजूद जिले में कई सेंटर इन नियमों को नजरअंदाज कर अवैध रूप से जांच कार्य कर रहे हैं।
प्रेस रिपोर्टर क्लब का सख्त रुख
प्रेस रिपोर्टर क्लब के प्रदेश अध्यक्ष संजय सोनी ने इस पूरे मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि—
“यह केवल प्रशासनिक लापरवाही का मामला नहीं, बल्कि एक संगठित अपराध है। यदि स्वास्थ्य विभाग द्वारा शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो प्रेस रिपोर्टर क्लब झोलाछाप डॉक्टरों की पर्चियों को सार्वजनिक करेगा और संबंधित डायग्नोस्टिक सेंटरों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराएगा।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत जिले के सभी डायग्नोस्टिक सेंटरों से निम्न जानकारी मांगी जाएगी—
जांच लिखने वाले डॉक्टरों का विवरण
डॉक्टरों का पंजीकरण प्रमाण
एपी-16 फॉर्म का विधिवत संधारण
जनहित में अंतिम चेतावनी
प्रेस रिपोर्टर क्लब ने स्वास्थ्य विभाग एवं जिला प्रशासन से मांग की है कि इस गंभीर मामले में तत्काल जांच और कठोर कार्रवाई की जाए। अन्यथा इस विषय को जनहित में जिला स्तर से राज्य स्तर तक उठाया जाएगा।
यह संघर्ष किसी व्यक्ति या संस्था के विरुद्ध नहीं, बल्कि आम जनता के स्वास्थ्य, सुरक्षा और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए है।
— जारीकर्ता
प्रेस रिपोर्टर क्लब, छत्तीसगढ़
प्रदेश अध्यक्ष: संजय सोनी
