
“जो करना है करो” जैसे कथित बयान से बढ़ा विवाद, प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
विजय कुमार साहू (संवाददाता)
बिलासपुर
बिलासपुर जिले के विकासखंड बिल्हा अंतर्गत ग्राम पंचायत सरवानी में संचालित बिलासा खाद्य सुरक्षा पोषण सेवा सहकारी समिति मर्यादित एक बार फिर विवादों में घिरती नजर आ रही है। यहां शक्कर वितरण में अनियमितता और मनमानी वसूली के गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिससे हितग्राहियों में भारी रोष व्याप्त है।
ग्रामीणों के अनुसार, सोसाइटी में शक्कर वितरण के नाम पर प्रति हितग्राही 20 रुपये वसूले जा रहे हैं। यह वसूली निर्धारित नियमों के विरुद्ध बताई जा रही है, जिससे गरीब और जरूरतमंद उपभोक्ताओं को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
मामले को और गंभीर बनाते हुए ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सोसाइटी के संचालक भावचंद्र कैवर्त द्वारा आपत्ति जताने पर कथित रूप से “जो करना है करो” जैसे शब्द कहे गए, जिससे लोगों में आक्रोश और असंतोष और बढ़ गया है। हितग्राहियों का कहना है कि इस तरह का व्यवहार न केवल अनुचित है, बल्कि शासन की योजनाओं की मंशा के भी खिलाफ है।
प्रशासन से सख्त हस्तक्षेप की मांग-
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते ऐसे मामलों पर रोक नहीं लगाई गई, तो सार्वजनिक वितरण प्रणाली की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न खड़ा हो जाएगा।
हितग्राहियों के अधिकारों का हनन-
खाद्य सुरक्षा योजना का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद वर्ग को सस्ती दरों पर आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराना है, लेकिन सरवानी सोसाइटी में सामने आ रही अनियमितताएं इस उद्देश्य को कमजोर करती दिख रही हैं। हितग्राहियों ने स्पष्ट कहा है कि वे अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाते रहेंगे और प्रशासन से न्याय की अपेक्षा रखते हैं।
जांच और कार्रवाई की जरूरत-
यह मामला केवल एक गांव तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम के लिए चेतावनी है। प्रशासन को चाहिए कि ऐसे मामलों में तत्काल संज्ञान लेकर पारदर्शिता सुनिश्चित करे, ताकि योजनाओं का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक बिना किसी बाधा के पहुंच सके।
