
डोंगरगांव।सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोंगरगांव में वर्षों तक निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ सेवाएं देने वाले तीन कर्मठ कर्मचारियों — दिलीप कुमार सोनी (लेखपाल), टी. परवीन (ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक महिला) एवं कुमुदनी साहू (महिला पर्यवेक्षक) — के शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त होने के उपलक्ष्य में एक गरिमामय विदाई एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित डॉ. रागिनी चंद्रे (खंड चिकित्सा अधिकारी, विकास खंड डोंगरगांव) ने अपने उद्बोधन में कहा कि सेवानिवृत्ति सेवा का अंत नहीं, बल्कि एक नई जीवन यात्रा की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि इन तीनों कर्मचारियों ने अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन अत्यंत जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ किया है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा।
खंड कार्यक्रम प्रबंधक राकेश कुर्रे ने अपने संबोधन में दिलीप कुमार सोनी के प्रशासनिक अनुभव और वित्तीय अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि उनकी कार्यशैली ने विभाग को सुव्यवस्थित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इसी अवसर पर बीईटीओ अमृता सलामे ने टी. परवीन एवं कुमुदनी साहू की ग्रामीण क्षेत्र में मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति समर्पित भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने महिला स्वास्थ्य जागरूकता, टीकाकरण एवं पोषण अभियानों में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
समारोह के दौरान उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पुष्पगुच्छ, शॉल एवं स्मृति-चिन्ह भेंट कर सेवानिवृत्त कर्मचारियों के दीर्घ एवं सफल सेवाकाल के लिए आभार व्यक्त किया। वातावरण भावुक भी रहा, जब सहकर्मियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए उनके सहयोगी स्वभाव, अनुशासन और आत्मीय व्यवहार को याद किया।
अपने उद्बोधन में सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने विभाग के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें सदैव परिवार जैसा वातावरण मिला और यही अपनापन उनकी सबसे बड़ी पूंजी रहा।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने उनके स्वस्थ, सुखमय और दीर्घ जीवन की कामना की। यह समारोह न केवल सम्मान का प्रतीक था, बल्कि यह संदेश भी देता है कि शासकीय सेवा में निष्ठा और समर्पण का मूल्य सदैव स्मरणीय रहता है।
