
बिलासपुर। पुलिस व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, जवाबदेह एवं जनहितैषी बनाने की दिशा में बिलासपुर पुलिस ने एक अभिनव पहल की है। पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) राम गोपाल गर्ग के मार्गदर्शन में शहर में ‘अनुभव क्यूआर कोड’ (Experience QR Code) आधारित फीडबैक प्रणाली शुरू की गई है, जिसके माध्यम से आम नागरिक अब सीधे पुलिस सेवाओं पर अपनी राय और सुझाव दे सकेंगे।
इस नई व्यवस्था के तहत थाना परिसर, सार्वजनिक स्थलों और पुलिस कार्यालयों में क्यूआर कोड लगाए जा रहे हैं। नागरिक अपने मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन कर पुलिस के व्यवहार, कार्रवाई और सेवाओं के संबंध में अपनी प्रतिक्रिया दर्ज कर सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करना तथा सेवा गुणवत्ता में सुधार लाना है।
आईजी राम गोपाल गर्ग ने स्पष्ट किया है कि पुलिस विभाग में अनुशासन और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि अपराधों में संलिप्त पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
महिला सुरक्षा को लेकर भी विशेष फोकस रखा गया है। आईजी ने निर्देश दिए हैं कि महिला अपराधों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और महिलाओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के लिए विशेष निगरानी एवं जागरूकता अभियान चलाए जाएं। इसके साथ ही तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए साइबर सेल को और सक्रिय करते हुए आधुनिक तकनीक का उपयोग बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस विभाग का मानना है कि ‘अनुभव क्यूआर कोड’ प्रणाली से जनता की सीधी भागीदारी सुनिश्चित होगी और पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी। नागरिकों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर आवश्यक सुधार किए जाएंगे, जिससे पुलिस सेवाएं और अधिक प्रभावी बन सकेंगी।
शहर के नागरिकों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे पुलिस-जन सहयोग को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया है। विशेषज्ञों का भी मानना है कि ऐसी तकनीकी पहल से पुलिस व्यवस्था में विश्वास और जवाबदेही दोनों बढ़ेंगे तथा अपराध नियंत्रण में सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।
