
बिलासपुर। भारतीय जनता पार्टी द्वारा बिलासपुर में आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार शामिल हुए। इस दौरान गांधी चौक से नेहरू चौक तक निकाली गई पदयात्रा में हजारों नागरिकों, भाजपा के वरिष्ठ नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की। नेहरू चौक पहुंचकर पदयात्रा सभा में परिवर्तित हो गई।

भाजपा महिला मोर्चा की जिला कोषाध्यक्ष दीपामाला झा ने इस अवसर पर लोकतंत्र की मजबूती, मतदाता अधिकारों और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र होने के साथ-साथ समृद्ध लोकतांत्रिक परंपराओं वाला देश है। लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति जनता के विश्वास, मताधिकार और निष्पक्ष निर्वाचन प्रक्रिया में निहित है।
दीपामाला झा ने कहा कि स्वच्छ एवं त्रुटिरहित मतदाता सूची लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है। विशेष गहन पुनरीक्षण निर्वाचन आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी के अंतर्गत संचालित प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है। इसके तहत मृत, स्थानांतरित एवं दोहरी प्रविष्टियों का नियमानुसार निराकरण करने के साथ प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि एसआईआर को लेकर समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने के लिए जनजागरूकता आवश्यक है। मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए पात्र नागरिक फॉर्म-6 के माध्यम से निर्धारित प्रक्रिया का पालन कर सकते हैं। विशेषकर युवाओं को मतदाता पंजीकरण के प्रति जागरूक होना चाहिए, ताकि कोई भी पात्र नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न रहे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकतांत्रिक दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की भाषाई विविधता, स्वतंत्र विचारों और व्यापक संवाद की परंपरा उसकी लोकतांत्रिक शक्ति है। संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा, निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखना सभी नागरिकों का दायित्व है।
दीपामाला झा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विभिन्न क्षेत्रों में विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर राजनीतिक अस्थिरता का वातावरण बना रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा, मतदाता अधिकारों के प्रति जागरूकता और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति विश्वास मजबूत करना इस पदयात्रा का प्रमुख उद्देश्य है।
