परीक्षा के दौरान मंगलसूत्र और काला धागा उतरवाने का आरोप, प्रेस रिपोर्टर क्लब ने जताया विरोध

बड़े भंडार के शासकीय स्कूल का मामला, शिक्षा विभाग से जांच की मांग

रायगढ़। बड़े भंडार स्थित शासकीय स्कूल में परीक्षा के दौरान कथित तौर पर शादीशुदा महिलाओं से मंगलसूत्र तथा काला धागा तक उतरवाए जाने का मामला सामने आया है। इस मामले को लेकर प्रेस रिपोर्टर क्लब ने विरोध जताते हुए शिक्षा विभाग एवं शासन-प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

प्रेस रिपोर्टर क्लब का कहना है कि मंगलसूत्र भारतीय विवाह परंपरा और सनातन संस्कृति में विवाहित महिलाओं के लिए विशेष धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व रखने वाला प्रतीक है। परीक्षा में अनुशासन और नकल रोकने के लिए नियम बनाए जाना अपनी जगह है, लेकिन किसी महिला के मंगलसूत्र जैसे वैवाहिक प्रतीक को उतरवाने की स्थिति क्यों बनी, इसकी स्पष्ट जांच आवश्यक है।

क्लब को इस संबंध में सरिया के सामाजिक कार्यकर्ता नरोत्तम प्रधान द्वारा जानकारी दिए जाने की बात कही गई है। आरोप है कि परीक्षा में शामिल कुछ महिलाओं को मजबूरी में मंगलसूत्र उतारना पड़ा। इतना ही नहीं, काला धागा पहनने वाली महिलाओं से भी उसे उतारने के लिए कहा गया।

प्रेस रिपोर्टर क्लब ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि मामले की तत्काल जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि मंगलसूत्र और काला धागा उतरवाने का निर्देश किसके आदेश पर दिया गया और क्या इसके लिए कोई आधिकारिक नियम या दिशा-निर्देश जारी किया गया है।

क्लब ने कहा कि यदि परीक्षा केंद्र के प्रभारी या संबंधित कर्मचारियों द्वारा नियमों से परे जाकर महिलाओं के धार्मिक एवं सांस्कृतिक प्रतीकों को उतरवाया गया है, तो इसकी जिम्मेदारी तय कर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।

प्रेस रिपोर्टर क्लब ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि परीक्षा में अनुशासन और पारदर्शिता के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, धार्मिक भावनाओं और महिलाओं की गरिमा का भी पूरा ध्यान रखा जाए।