
संविधान मंथन में सभी समाज, पत्रकार और कलाकारों सहित खेल, शिक्षा, जन कल्याण के बेहतर काम करने वालों का किया सम्मान
संविधान कथा वाचक आचार्य सूरज राही जी ने संविधान को संगीत के माध्यम से सरल भाषा में लोगों को समझाया
सत्य बोलेंगे सत्य लिखेंगे -संस्कृति की सुरलहरियों में संविधान का संदेश, जागरूकता का जनांदोलन
संस्कृति और संविधान का संगम, जागरूकता की नई दिशा
राजनांदगांव।छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में कर्त्तव्य न्याय भागीदारी आंदोलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवशंकर सिंह एवं प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत देवांगन ने बताया कि “संविधान मंथन” कार्यक्रम एक अनूठी और प्रभावशाली पहल के रूप में उभरकर सामने आया है, जहां सांस्कृतिक अभिव्यक्ति और संवैधानिक मूल्यों का अद्भुत समन्वय देखने को मिल रहा है। यह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने का सशक्त माध्यम बनता जा रहा है। आचार्य सूरज राही के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में गीत, संगीत और विचारों के माध्यम से संविधान की आत्मा को जन-जन तक पहुंचाने का सार्थक प्रयास किया जा रहा है।
इस पहल की खास बात यह है कि इसमें जटिल संवैधानिक विषयों को सरल, सहज और रोचक शैली में प्रस्तुत किया जाता है, जिससे हर वर्ग का व्यक्ति आसानी से जुड़ सके। कार्यक्रम में भगवान गौतम बुद्ध के करुणा, शांति और मानवता के संदेश को प्रमुखता से उकेरा जाता है, वहीं डॉ. भीमराव आंबेडकर के समानता, न्याय और अधिकारों पर आधारित विचारों को भी प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाता है। यह समावेशी दृष्टिकोण समाज को सोचने और समझने की नई दिशा प्रदान कर रहा है।
“संविधान मंथन” अब एक व्यापक जन-जागरूकता अभियान का रूप ले चुका है, जिसमें समाज के हर आयु वर्ग की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है। युवा, बुजुर्ग, महिलाएं और विद्यार्थी—सभी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि नागरिकों के भीतर अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है।आयोजकों का मानना है कि जब तक आम जनता संविधान को समझेगी नहीं, तब तक सशक्त लोकतंत्र की परिकल्पना अधूरी रहेगी। इसी सोच के साथ यह अभियान लोगों के बीच जागरूकता की लौ जला रहा है। प्रभावशाली प्रस्तुतियों, प्रेरणादायक गीतों और सारगर्भित विचारों के माध्यम से यह कार्यक्रम समाज में सकारात्मक परिवर्तन की नींव रख रहा है।राजनांदगांव से शुरू हुआ यह प्रयास अब एक प्रेरणा बनता जा रहा है, जो न केवल संवैधानिक मूल्यों को जीवंत कर रहा है, बल्कि समाज को एकजुट, जागरूक और उत्तरदायी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवशंकर सिंह, प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत देवांगन (सनसनी), प्रदेश प्रभारी रूपेश जोशी, प्रदेश महासचिव सलमान खान, प्रदेश सचिव मनीष जैन, प्रदेश उपाध्यक्ष तुलसी गौतम, उमेश साहू, ससचिव बलविंदर सिंह सिख, कोषाध्यक्ष सेवाराम, प्रदेश उपाध्यक्ष, प्रयाग साहू प्रदेश संगठन मंत्री राजेश तोमर संरक्षण एस के ओझा, एस के नायक, श्याम शर्मा, एम बी अनोखे सहित हजारों शहर के गणमान्य नागरिकों ने इस संविधान मंथन का भरपूर आनंद लिया।
