छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी संघ की वार्षिक आमसभा में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित

सहकारी शिक्षा-प्रशिक्षण, डिजिटलाइजेशन, AI तकनीक और आधुनिक प्रेस की स्थापना पर जोर

रायपुर, 2 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी संघ मर्यादित, रायपुर की वार्षिक साधारण सभा बुधवार को जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, जी.ई. रोड रायपुर के सभागार में आयोजित हुई। सभा में संघ के पदाधिकारियों, प्रतिनिधियों, सदस्य संस्थाओं तथा सहकारिता क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। इस दौरान सहकारी शिक्षा-प्रशिक्षण, डिजिटलाइजेशन, आधुनिक तकनीक, प्रकाशन व्यवस्था और संगठन को सुदृढ़ बनाने सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।

सभा में गत वार्षिक साधारण सभा की कार्यवाही के अनुमोदन के साथ वर्ष 2025-26 के वार्षिक प्रतिवेदन, वर्ष 2027-28 के प्रस्तावित वार्षिक कार्यक्रम एवं बजट तथा विभिन्न वित्तीय एवं प्रशासनिक विषयों पर विचार किया गया। वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के वित्तीय पत्रकों, आय-व्यय पत्रक तथा प्रस्तावित बजट के अनुमोदन से संबंधित विषय भी रखे गए।

संघ मुख्यालय एवं सहकारी प्रशिक्षण केंद्र के लिए स्थायी और सुविधाजनक भवन की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। बढ़ती प्रशासनिक गतिविधियों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा अभिलेखों के सुरक्षित रखरखाव को देखते हुए दीर्घकालीन दृष्टि से उपयुक्त भवन की व्यवस्था किए जाने पर चर्चा हुई।

प्रदेश के 16 जिला सहकारी संघों में से शेष आठ जिला सहकारी संघों धमतरी, कांकेर, नारायणपुर, कवर्धा, बलौदा-बाजार, बेमेतरा, महासमुंद एवं गरियाबंद को राज्य सहकारी संघ की सदस्यता प्रदान करने का प्रस्ताव रखा गया। इससे राज्य एवं जिला स्तर पर सहकारी शिक्षा, प्रशिक्षण, प्रकाशन और जागरूकता गतिविधियों में बेहतर समन्वय स्थापित होने की उम्मीद है।

अछोटी में आधुनिक प्रेस की स्थापना की पहल

दुर्ग जिले के ग्राम अछोटी में संघ को प्राप्त दो एकड़ भूमि पर आधुनिक प्रेस स्थापित करने की दिशा में कार्यवाही शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया। वर्तमान में ‘छत्तीसगढ़ सहकारी समाचार’ सहित सहकारी साहित्य, प्रशिक्षण एवं प्रचार-प्रसार सामग्री के मुद्रण के लिए बाहरी संस्थाओं पर निर्भरता है। स्वयं का आधुनिक एवं डिजिटल प्रेस स्थापित होने से प्रकाशन कार्य में आत्मनिर्भरता, गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ मुद्रण व्यय में कमी आने की संभावना जताई गई।

AI और डिजिटल तकनीक आधारित प्रशिक्षण को बढ़ावा

संघ के तकनीकी कार्यों को मजबूत करने के लिए सक्षम संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) करने पर भी चर्चा हुई। ई-लर्निंग, डिजिटल मीडिया, वेबसाइट संचालन, सॉफ्टवेयर विकास, डेटा प्रबंधन, ऑडियो-वीडियो सामग्री निर्माण, शोध एवं प्रकाशन जैसे कार्यों में विशेषज्ञ तकनीकी सहयोग लेने पर जोर दिया गया।

सहकारी संस्थाओं के पदाधिकारियों, संचालकों, कर्मचारियों, सदस्यों एवं आमजन में सहकारिता, प्रबंधन, लेखांकन, वित्तीय अनुशासन तथा आधुनिक तकनीक की समझ बढ़ाने के लिए नई व्यापक सहकारी शिक्षा-प्रशिक्षण नीति तैयार करने का प्रस्ताव रखा गया। इसमें वार्षिक प्रशिक्षण कैलेंडर, पाठ्यक्रम, विशेषज्ञ प्रशिक्षकों का पैनल और जिला स्तर पर प्रशिक्षण विस्तार की व्यवस्था शामिल करने की बात कही गई।

प्रस्तावित प्रशिक्षण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल सहकारिता, साइबर सुरक्षा, डिजिटल लेखांकन, ई-गवर्नेंस, आधुनिक कृषि, विपणन एवं वित्तीय प्रबंधन जैसे समसामयिक विषयों को शामिल करने पर जोर दिया गया। मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले कर्मचारियों को पदोन्नति, चयन अथवा अन्य सेवा लाभों में बोनस अंक देने के लिए सेवा नियमों में आवश्यक प्रावधान किए जाने का प्रस्ताव भी रखा गया।

तकनीकी संसाधनों की होगी खरीदी

संघ के कार्यालयीन कार्यों, प्रशिक्षण एवं प्रकाशन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए कंप्यूटर, कैमरा, माइक्रोफोन, ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग उपकरण, प्रकाश व्यवस्था, स्टोरेज, प्रिंटर-स्कैनर एवं नेटवर्किंग उपकरणों की खरीदी का प्रस्ताव रखा गया। इससे ऑनलाइन प्रशिक्षण और डिजिटल कंटेंट निर्माण को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

संघ की बढ़ती गतिविधियों और प्रशिक्षण, प्रकाशन तथा तकनीकी संसाधनों की आवश्यकताओं को देखते हुए सदस्य संस्थाओं का वार्षिक सदस्यता अभिदाय 500 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये किए जाने का प्रस्ताव रखा गया। इस संबंध में आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक, सहकारी संस्थाएं छत्तीसगढ़ से मार्गदर्शन प्राप्त करने का निर्णय प्रस्तावित किया गया।

सभा में संघ की उपविधियों में वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप सहायक एवं अनुषंगी उद्देश्यों को शामिल करने तथा आवश्यक संशोधन किए जाने पर भी विचार किया गया। प्राथमिक सहकारी संस्थाओं, जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों और सहकारी क्षेत्र की गतिविधियों को प्रभावी बनाने के लिए सहकारी शिक्षा, प्रशिक्षण, डिजिटलाइजेशन एवं आधुनिक प्रबंधन व्यवस्था को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

ये रहे उपस्थित

सभा में राज्य संघ के प्राधिकृत अधिकारी सौरभ शर्मा, अपेक्स बैंक के प्राधिकृत अधिकारी केदारनाथ गुप्ता, विपणन संघ के प्राधिकृत अधिकारी शशिकांत द्विवेदी, हाथकरघा संघ के प्राधिकृत अधिकारी भोजराम देवांगन, संघ के मानसेवी सदस्य एवं सहकार भर्ती प्रदेश महामंत्री कनीराम शर्मा, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक दुर्ग के उपाध्यक्ष नरेश यदु, रायपुर बैंक के अध्यक्ष निरंजन सिन्हा, उपाध्यक्ष अमितेश कश्यप, जिला सहकारी संघों के प्रतिनिधि, पंजीयक प्रतिनिधि विश्वदीप महोबे, उपायुक्त रायपुर के सहायक विनय कश्यप तथा संघ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी पी.सी. ध्रुव सहित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

अंत में संघ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी पी.सी. ध्रुव ने उपस्थित प्रतिनिधियों एवं अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।