प्रेस रिपोर्टर क्लब के प्रदेश संरक्षक कमल मित्तल का जन्म दिवस वृद्धजनों के सम्मान और आशीर्वाद के साथ मनाया गया

बिलासपुर। प्रेस रिपोर्टर क्लब जिला बिलासपुर के तत्वाधान में प्रदेश संरक्षक कमल मित्तल का जन्मदिवस इस वर्ष सामाजिक सरोकार की मिसाल बनते हुए
कल्याण कुंज वृद्ध आश्रम एवं निराश्रित गृह में सादगीपूर्ण वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर प्रदेश एवं जिला स्तर के पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि जन्मदिवस को व्यक्तिगत उत्सव के बजाय समाज के वरिष्ठ एवं अनुभवी नागरिकों को समर्पित किया गया। कमल मित्तल ने वृद्धजनों के बीच पहुंचकर उनका सम्मान किया, आशीर्वाद ग्रहण किया और उनके साथ समय बिताकर सेवा एवं संवेदनशीलता का संदेश दिया। इस दौरान बुजुर्ग पुरुषों एवं महिलाओं को फल, वस्त्र, अनाज एवं आवश्यक सामग्री का वितरण किया गया।

इस अवसर पर अपने उद्बोधन में कमल मित्तल ने कहा कि “वृद्धजन हमारे समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके अनुभव और आशीर्वाद से ही जीवन की दिशा सरल और सार्थक बनती है। हमें अपने हर सुख-दुख और प्रगति के क्षणों में उनका सम्मान करना और आशीर्वाद लेना चाहिए, यही हमारी संस्कृति और संस्कार हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि आज के दौर में जहां पारिवारिक मूल्यों में कमी देखने को मिल रही है, वहां इस प्रकार के प्रयास समाज को सही दिशा देने का कार्य करते हैं। वृद्धजनों के प्रति सम्मान और सेवा भाव ही सच्ची मानवता का परिचायक है।

कार्यक्रम में उपस्थित पदाधिकारियों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देते हैं और युवा पीढ़ी को अपने संस्कारों से जोड़ने का कार्य करते हैं।

इस अवसर पर प्रेस रिपोर्टर क्लब के प्रदेश उपाध्यक्ष गौतम बाल बोंदरे, प्रदेश संरक्षक प्रभात राय, प्रदेश सह सचिव पी आनंद राव, प्रदेश महिला प्रकोष्ठ सचिव रिचा खंडेलवाल, जिला अध्यक्ष विजय साहू, संभागीय सचिव सतीश यादव, संभागीय संरक्षक राजेंद्र राठौड़ ,टीकाराम , चंदन कुमार, गीता सोचें, रेशमा लहरे, बसंत साहू एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

यह आयोजन न केवल एक जन्मदिवस का उत्सव रहा, बल्कि समाज को यह संदेश भी देता नजर आया कि अपने बुजुर्गों का सम्मान करना, उनके अनुभवों से सीखना और उनके आशीर्वाद को जीवन में स्थान देना ही सच्चे अर्थों में भारतीय संस्कृति का पालन है।