तीसरी आँख | बालोद में प्रशासन की नींद टूटी सड़कों पर उतरीं कलेक्टर, अतिक्रमण-गंदगी पर चला डंडा… सवाल कायम—अब तक कौन जिम्मेदार?

बालोद, 09 अप्रैल 2026।
शहर की बिगड़ती व्यवस्थाओं पर आखिरकार प्रशासन की “तीसरी आँख” खुलती नजर आई, जब कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा गुरुवार सुबह खुद सड़कों पर उतरीं। अधिकारियों की टीम के साथ उन्होंने घड़ी चौक से नया बस स्टैंड तक पैदल निरीक्षण कर जमीनी हकीकत को करीब से परखा और मौके पर ही सख्त निर्देश जारी किए।
🔍 जमीनी हकीकत ने खोली पोल
निरीक्षण में सामने आया कि
सड़कें अतिक्रमण से घिरी,
बाजार अव्यवस्थित,
और सफाई व्यवस्था लचर बनी हुई है।
ये वही समस्याएं हैं, जिनकी शिकायत आम नागरिक लंबे समय से करते आ रहे हैं—लेकिन कार्रवाई अब जाकर दिखी।
🚫 अतिक्रमण हटाने के सख्त आदेश
कलेक्टर ने घड़ी चौक से पुराना बस स्टैंड और सदर मार्ग तक फैले अतिक्रमण को तत्काल हटाने और सड़क चौड़ी करने के निर्देश दिए।
साफ संकेत—अब शहर की सड़कों पर कब्जा करने वालों के लिए जगह नहीं बचेगी।
🛒 बुधवारी बाजार पर प्रशासन सख्त
बुधवारी बाजार में अव्यवस्थित दुकानें, भीड़भाड़ और गंदगी पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताई।
दुकानों के सुनियोजित निर्धारण, मार्ग खाली रखने और सफाई व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए।
⚠️ ‘दूध गंगा’ सील—जिम्मेदारों पर सवाल
सफाई में गंभीर लापरवाही मिलने पर दूध गंगा को तत्काल सील करने के आदेश दिए गए।
यह कार्रवाई जहां सख्ती का संकेत देती है, वहीं यह भी सवाल उठाती है कि अब तक जिम्मेदार अधिकारी क्या कर रहे थे?
💧 नाली निर्माण से होगा स्थायी समाधान
बस स्टैंड क्षेत्र में जलभराव की समस्या को देखते हुए
मजबूत और स्थायी नाली निर्माण के निर्देश दिए गए, ताकि समस्या का दीर्घकालिक समाधान हो सके।
⏱️ चेतावनी: अब नहीं चलेगी ढिलाई
कलेक्टर ने दो टूक कहा—
“सभी कार्य समय-सीमा में पूरे करें, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई होगी।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिक सुविधाएं प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं।
🚶‍♀️ पूरे शहर का पैदल जायजा
निरीक्षण की शुरुआत सर्किट हाउस से हुई, जो
घड़ी चौक, पुराना बस स्टैंड, सदर रोड, बुधवारी बाजार, मधु चौक, जय स्तंभ, कला केंद्र, संजारी क्लब, दूध गंगा, गंगासागर तालाब होते हुए नया बस स्टैंड तक पहुंचा।
👥 ये रहे मौजूद अधिकारी
निरीक्षण के दौरान
नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिभा चौधरी, सीईओ जिला पंचायत सुनील चंद्रवंशी, एसडीएम नूतन कंवर, तहसीलदार आशुतोष शर्मा, सीएमओ मोबिन अली सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
❗ तीसरी आँख का सवाल
कार्रवाई तो शुरू हो गई…
लेकिन क्या यह स्थायी बदलाव की शुरुआत है या सिर्फ औचक निरीक्षण का असर?
अब निगाह इस पर रहेगी कि
निर्देश जमीन पर उतरते हैं या फिर फाइलों में ही सिमट जाते हैं।