
छत्तीसगढ़।प्रदेश में तेजी से बढ़ते औद्योगिक विस्तार के बीच पर्यावरण संरक्षण को लेकर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। कई औद्योगिक क्षेत्रों से लगातार यह शिकायतें सामने आ रही हैं कि फैक्ट्रियों द्वारा वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण और अन्य पर्यावरणीय नियमों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। कई स्थानों पर फैक्ट्रियों से निकलने वाला धुआं और अपशिष्ट आसपास के गांवों, खेतों और जल स्रोतों को प्रभावित कर रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई औद्योगिक इकाइयों में पर्यावरण मानकों का पालन केवल कागजों तक सीमित रह गया है, जबकि जमीनी स्तर पर स्थिति बिल्कुल अलग दिखाई देती है। कई जगहों पर फैक्ट्रियों से निकलने वाला गंदा पानी बिना शुद्धिकरण के नालों और नदियों में छोड़ा जा रहा है, जिससे जल स्रोत भी प्रदूषित हो रहे हैं।
इसके अलावा कई क्षेत्रों में फैक्ट्रियों में ईंधन के रूप में लकड़ी के उपयोग को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। बड़ी मात्रा में लकड़ी की खपत होने से पेड़ों की कटाई बढ़ने और पर्यावरण संतुलन बिगड़ने की आशंका व्यक्त की जा रही है। इस स्थिति को देखते हुए पर्यावरण संरक्षण को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों में चिंता बढ़ती जा रही है।
इसी मुद्दे को लेकर प्रेस रिपोर्टर क्लब ने प्रदेश स्तर पर “पर्यावरण बचाओ अभियान” शुरू करने की घोषणा की है। संगठन का कहना है कि यदि समय रहते प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले समय में पर्यावरण और जनस्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
प्रेस रिपोर्टर क्लब के प्रदेश अध्यक्ष संजय सोनी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल औपचारिक निरीक्षण तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने मांग की है कि प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में संचालित फैक्ट्रियों का पर्यावरण विभाग और वन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा विशेष निरीक्षण कराया जाए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उद्योगों में पर्यावरण नियमों का पालन सही तरीके से हो रहा है या नहीं।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी भी औद्योगिक इकाई में पर्यावरण नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है, लेकिन नियमों का पालन सुनिश्चित करना संबंधित विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
संजय सोनी ने कहा कि प्रेस रिपोर्टर क्लब आने वाले समय में प्रदेशभर में पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता अभियान चलाएगा और जहां भी प्रदूषण या पर्यावरण नियमों के उल्लंघन के मामले सामने आएंगे, उन्हें प्रमुखता से उठाया जाएगा।
