अवैध लाल ईंट भट्ठों का बढ़ता कारोबार, प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे बड़े सवाल हिन्द सेना ने उठाया आवाज़ बिना अनुमति धड़ल्ले से चल रहा ईंट निर्माण, पर्यावरण और कानून दोनों को पहुंच रहा नुकसान

क्षेत्र में इन दिनों अवैध लाल ईंट भट्ठों का कारोबार तेजी से फैलता जा रहा है। बिना किसी वैध अनुमति और नियमों का पालन किए कई स्थानों पर ईंट बनाने का काम खुलेआम किया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि इस पूरे मामले में प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है, जिसके कारण भट्ठा संचालकों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार कई स्थानों पर बिना लाइसेंस और सरकारी अनुमति के ही लाल ईंट भट्ठे शुरू कर दिए गए हैं। नियमों के अनुसार किसी भी ईंट भट्ठे को शुरू करने से पहले संबंधित विभागों से अनुमति लेना जरूरी होता है, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग नियमों को दरकिनार कर अवैध रूप से ईंट निर्माण कर रहे हैं और मोटा मुनाफा कमा रहे हैं।
पर्यावरण पर पड़ रहा बुरा असर
अवैध रूप से चल रहे इन ईंट भट्ठों से निकलने वाला धुआं और राख आसपास के वातावरण को प्रदूषित कर रहे हैं। इससे न केवल पर्यावरण को नुकसान हो रहा है बल्कि आसपास रहने वाले ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा है। कई ग्रामीणों का कहना है कि लगातार निकलने वाले धुएं के कारण सांस से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।
वहीं किसानों का भी कहना है कि भट्ठों से निकलने वाली राख और धुआं उनकी फसलों को प्रभावित कर रहा है, जिससे खेती की पैदावार में कमी आ रही है। अगर यही स्थिति बनी रही तो आने वाले समय में किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
श्रमिकों के अधिकारों का भी हो रहा उल्लंघन
कई अवैध ईंट भट्ठों में मजदूरों से लंबे समय तक काम करवाया जाता है, लेकिन उन्हें उचित मजदूरी और सुरक्षा सुविधाएं नहीं दी जातीं। मजदूरों के लिए न तो पर्याप्त रहने की व्यवस्था होती है और न ही स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन किया जाता है। इससे श्रम कानूनों का भी खुला उल्लंघन हो रहा है।
प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब बिना अनुमति इतने बड़े स्तर पर ईंट भट्ठों का संचालन हो रहा है तो संबंधित विभागों की नजर इस पर क्यों नहीं पड़ रही है। क्या प्रशासन को इसकी जानकारी नहीं है या फिर जानबूझकर इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है?
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार इस संबंध में शिकायत भी की गई, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। इससे यह सवाल उठने लगे हैं कि आखिर प्रशासन इस पूरे मामले में चुप क्यों है।
ग्रामीणों ने की सख्त कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों और समाजसेवी संगठन हिन्द सेना ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में चल रहे सभी ईंट भट्ठों की जांच कराई जाए। जो भट्ठे बिना अनुमति के संचालित हो रहे हैं, उन्हें तुरंत बंद कराया जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
लोगों का कहना है कि अगर समय रहते इस अवैध कारोबार पर रोक नहीं लगाई गई तो इससे पर्यावरण, किसानों और स्थानीय लोगों को लगातार नुकसान होता रहेगा।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे को कितनी गंभीरता से लेता है और अवैध रूप से चल रहे लाल ईंट भट्ठों पर कब तक कार्रवाई होती है।