


ग्राम सोनसरी में श्रद्धा, समरसता और सामाजिक एकता के साथ भव्य आयोजन
सोनसरी।संत शिरोमणि गुरु रविदास की 649वीं जयंती के पावन अवसर पर ग्राम सोनसरी में 1 फरवरी 2026, रविवार को भव्य जयंती समारोह श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक समरसता के वातावरण में आयोजित किया गया। यह आयोजन संत रविदास के महान विचारों—मानव समानता, कर्म, सत्य और भाईचारे—को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बना।
कार्यक्रम का शुभारंभ संत रविदास के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। उपस्थित जनसमूह ने संत के विचारों को आत्मसात करते हुए सामाजिक एकता एवं आपसी सद्भाव बनाए रखने का संकल्प लिया।
गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति-
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में दिलीप लहरिया, विधायक मस्तूरी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य राधा खिलावन पटेल, जनपद सदस्य जमुना राजकुमार पैकरा, ग्राम सोनसरी के सरपंच तिलक राम मिरी, पूर्व सरपंच मंशाराम मिरी, उपसरपंच हेमकुमारी किशन पटेल, पंच उमेंदराम साहू एवं राजनंदनी सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त ग्राम के वरिष्ठ एवं सक्रिय नागरिक मोतीलाल, लक्ष्मीनारायण उर्फ भोले मिरी, शिवचरन, मोहन, संजय, ललन, अनिल, दिलेश्वर, शिवकुमार, जेठू, छोटेलाल, खिलावन, बुधारू, नानू, गुलशन, फिरंगी लाल एवं अरुण वर्मा सहित अनेक ग्रामीणों की सहभागिता रही।



संत रविदास के विचारों का संदेश-
अपने संबोधन में वक्ताओं ने कहा कि संत रविदास केवल एक महान संत ही नहीं, बल्कि सामाजिक क्रांति के अग्रदूत थे। उन्होंने समाज को यह संदेश दिया कि मनुष्य की पहचान उसकी जाति से नहीं, बल्कि उसके कर्म और चरित्र से होती है। वर्तमान समय में उनके विचार और भी अधिक प्रासंगिक हो गए हैं।
सामाजिक समरसता का उदाहरण-
पूरे आयोजन के दौरान भक्ति, श्रद्धा और सामाजिक सौहार्द का वातावरण बना रहा। यह कार्यक्रम ग्राम सोनसरी के लिए केवल धार्मिक आयोजन न होकर सामाजिक एकता, समरसता और भाईचारे का जीवंत उदाहरण सिद्ध हुआ।
निष्कर्ष
संत शिरोमणि गुरु रविदास की 649वीं जयंती का यह आयोजन समाज को समानता, मानवता और एकजुटता का संदेश देता है। ऐसे आयोजन संतों के विचारों को जीवंत बनाए रखने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों को सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं।
– विजय साहू (बिलासपुर)
