गाढ़ा तला हुआ व जला हुआ तेल पूरी तरह बंद हो —जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ पर प्रेस रिपोर्टर क्लब का आर-पारRTI से खुलेगा खाद्य विभाग का सच, फिर होगी अगली बड़ी खबर

राजनांदगांव।जिले के होटलों, रेस्टोरेंटों एवं खाद्य प्रतिष्ठानों में गाढ़ा तला हुआ, बार-बार उपयोग किया गया और जला हुआ खाद्य तेल अब केवल लापरवाही नहीं, बल्कि जनता के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ बन चुका है। इस गंभीर मुद्दे को प्रेस रिपोर्टर क्लब ने प्रमुखता से उठाते हुए माँग की है कि गाढ़े तले हुए एवं जले हुए तेल के उपयोग को खाद्य विभाग और फूड सेफ्टी द्वारा तत्काल और पूरी तरह बंद कराया जाए।
प्रेस रिपोर्टर क्लब ने स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 26 और 27 के अनुसार प्रत्येक खाद्य व्यवसाय संचालक सुरक्षित, शुद्ध और अहानिकर भोजन परोसने के लिए कानूनी रूप से बाध्य है। वहीं धारा 59 के तहत असुरक्षित भोजन परोसना दंडनीय अपराध है। गाढ़ा तला हुआ और जला हुआ तेल स्वास्थ्य के लिए घातक है, ऐसे में इसका उपयोग खाद्य अधिनियम का सीधा उल्लंघन है।
इस संबंध में प्रेस रिपोर्टर क्लब के प्रदेश अध्यक्ष ने कड़े शब्दों में कहा कि “गाढ़ा तला हुआ जला तेल सीधे तौर पर असुरक्षित भोजन की श्रेणी में आता है। इसे हर हाल में बंद किया जाना चाहिए। यदि यह अब भी उपयोग में है, तो इसकी जिम्मेदारी केवल होटल संचालकों की नहीं, बल्कि खाद्य विभाग और फूड सेफ्टी तंत्र की भी है।”
प्रदेश अध्यक्ष ने आगे कहा कि आने वाले समय में खाद्य विभाग से गाढ़े तले हुए एवं जले हुए तेल के संबंध में सूचना का अधिकार (RTI) लगाकर यह जानकारी प्राप्त की जाएगी कि:जिले में कितने खाद्य प्रतिष्ठानों की नियमित व विशेष जांच की गई।
गाढ़े तले हुए/जले तेल को लेकर कितने प्रकरण दर्ज हुए
धारा 26, 27 एवं 59 के अंतर्गत कितनी कार्रवाई हुई।
ऐसे तेल के संग्रह, निपटान और रोकथाम को लेकर वास्तविक व्यवस्था क्या है?
प्रेस रिपोर्टर क्लब ने साफ़ किया कि RTI से प्राप्त तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर पुनः विस्तृत व तथ्यात्मक खबर प्रकाशित की जाएगी, ताकि सच्चाई जनता के सामने आए और किसी भी स्तर पर जवाबदेही से बचा न जा सके।
क्लब ने दो टूक चेतावनी दी कि जनता की थाली में ज़हर परोसने जैसी किसी भी प्रवृत्ति को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि गाढ़े तले हुए और जले हुए तेल पर तत्काल प्रभाव से रोक नहीं लगी, तो यह मुद्दा जनस्वास्थ्य आंदोलन का रूप ले सकता है।
प्रदेश अध्यक्ष का स्पष्ट संदेश—
“यह केवल खबर नहीं, यह जनता के स्वास्थ्य और कानून के सम्मान की लड़ाई है। गाढ़ा तला हुआ जला तेल हर हाल में बंद होना चाहिए।”
प्रेस रिपोर्टर क्लब ने ऐलान किया कि निगरानी, RTI, सवाल और खुलासा — यह संघर्ष लगातार जारी रहेगा।