कैमरे में दुनिया को कैद करने का हुनर, शब्दों से भारी एक तस्वीर : प्रशांत कुमार क्षीरसागर

विश्व फोटोग्राफी दिवस पर फोटोग्राफर प्रशांत कुमार क्षीरसागर ने कहा—एक क्लिक में दर्ज हो जाता है जनजीवन और इतिहास

भिलाई। 19 अगस्त को विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर फोटोग्राफर प्रशांत कुमार क्षीरसागर ने कहा कि फोटोग्राफी केवल तस्वीर खींचने की कला नहीं, बल्कि समय, समाज, भावनाओं और इतिहास को एक क्लिक में संजोकर रखने का सशक्त माध्यम है। एक तस्वीर कई बार उन हजारों शब्दों से अधिक प्रभावशाली होती है, जिन्हें शब्दों में व्यक्त करना कठिन होता है।

उन्होंने कहा कि एक कुशल फोटोग्राफर अपने कैमरे के माध्यम से केवल दृश्य को कैद नहीं करता, बल्कि उस दृश्य से जुड़ी कहानी, भावना और परिस्थितियों को भी दुनिया के सामने प्रस्तुत करता है। जनजीवन के सामान्य से दिखने वाले पल भी कैमरे में कैद होकर आने वाली पीढ़ियों के लिए इतिहास का हिस्सा बन जाते हैं।

विश्व फोटोग्राफी दिवस प्रत्येक वर्ष 19 अगस्त को फोटोग्राफी की कला, इतिहास और समाज में उसके महत्व को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है। फोटोग्राफी समय के खूबसूरत पलों, भावनाओं, यादों और महत्वपूर्ण घटनाओं को लंबे समय तक सुरक्षित रखने का माध्यम है।

इस वर्ष की थीम ‘घर’ को व्यक्तिगत स्थान, यादों, सांस्कृतिक जड़ों और भावनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है। ‘घर’ केवल एक इमारत नहीं, बल्कि व्यक्ति के अनुभवों, रिश्तों, भावनाओं और अपनत्व से जुड़ा एक संसार है। फोटोग्राफी के माध्यम से इन भावनाओं और व्यक्तिगत जुड़ाव को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया जा सकता है।

प्रशांत कुमार क्षीरसागर ने बताया कि फोटोग्राफरों को अपने आसपास के वातावरण और रोजमर्रा के सामान्य पलों में छिपी असाधारण कहानियों को तलाशने के लिए प्रेरित किया जाता है। एक साधारण मुस्कान, परिवार के साथ बिताया पल, गांव-शहर का जनजीवन, प्रकृति या सामाजिक गतिविधियां—सभी अपने भीतर एक कहानी समेटे रहती हैं।

उन्होंने कहा कि आधुनिक डिजिटल युग में फोटोग्राफी हर व्यक्ति के जीवन का हिस्सा बन गई है। मोबाइल फोन और डिजिटल कैमरों ने तस्वीरों को सहजता से कैद करना आसान बना दिया है। इसके बावजूद एक अच्छी तस्वीर के पीछे फोटोग्राफर की दृष्टि, संवेदनशीलता और सही क्षण को पहचानने की क्षमता महत्वपूर्ण होती है।

फोटोग्राफी का उपयोग पत्रकारिता, कला, शिक्षा, पर्यटन, विज्ञान, विज्ञापन, सामाजिक जागरूकता और दस्तावेजीकरण सहित अनेक क्षेत्रों में हो रहा है। फोटोग्राफर अपनी तस्वीरों के माध्यम से समाज की वास्तविकता, प्राकृतिक सुंदरता, संस्कृति और मानवीय भावनाओं को दुनिया के सामने रखते हैं।

उन्होंने कहा कि समय गुजर जाता है, लेकिन तस्वीरों में कैद यादें लंबे समय तक जीवित रहती हैं। इसलिए फोटोग्राफी केवल एक कला नहीं, बल्कि समाज, संस्कृति और इतिहास को सुरक्षित रखने का महत्वपूर्ण माध्यम भी है।

विश्व फोटोग्राफी दिवस पर संदेश देते हुए उन्होंने कहा—“हर तस्वीर के पीछे एक कहानी होती है और हर कहानी में एक याद छिपी होती है।”

स्लोगन : “एक क्लिक, एक पल और यादों का अनमोल सफर।”