



धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर पीजी कॉलेज कवर्धा में जिला स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस समारोह से वर्चुअल रूप में जुड़े और देशभर के जनजातीय समुदाय को संबोधित किया। जिला स्तरीय कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं पंडरिया विधायक भावना बोहरा उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान बिरसा मुंडा के तैलचित्र पर दीप प्रज्ज्वलन से की गई।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में जनजातीय समाज के इतिहास, शौर्य, संस्कृति, कला और राष्ट्र निर्माण में अद्वितीय योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि जनजातीय गौरव दिवस भगवान बिरसा मुंडा की वीरता और बलिदान को याद करने का अवसर है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल एवं प्रदर्शनी का अवलोकन किया, जिसमें जनजातीय समाज की परंपराएँ, उत्पाद, आजीविका और शासकीय योजनाओं की उपलब्धियाँ प्रदर्शित की गईं।
उपमुख्यमंत्री ने रेंगाखर, कवर्धा और अन्य स्थानों में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा लगाने की घोषणा की। इस अवसर पर जनजातीय समाज के विशिष्ट व्यक्तियों, विद्यार्थियों, युवाओं और महिलाओं को सम्मानित किया गया। प्रधानमंत्री जनमन योजना के हितग्राहियों को आवास की चाबियाँ और कृषकों को मसूर मिनी किट प्रदान किए गए। बड़ी संख्या में जनजातीय समाज के लोग शामिल हुए और अपनी सांस्कृतिक विरासत को प्रस्तुत किया।
जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, पूर्व अध्यक्ष विदेशी राम धुर्वे, विभिन्न जनपद पंचायत अध्यक्ष, जिला पंचायत उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, कलेक्टर गोपाल वर्मा, जिला पंचायत सीईओ अजय कुमार त्रिपाठी, सहायक आयुक्त एलपी पटेल सहित समाज के वरिष्ठजन उपस्थित थे।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि भगवान राम, कृष्ण, बुद्ध और महावीर की तरह ही भगवान बिरसा मुंडा भी देश की धरती पर अवतरित हुए महान पुरुष थे, जिन्होंने जनजातीय समाज के हित में असाधारण कार्य किए। यह दिवस जनजातीय समाज की वीरता, त्याग, संस्कृति और योगदान को समर्पित है। उनके अनुसार, ऐसे दिवस हमें हमारे प्रेरणास्रोत महापुरुषों के आदर्शों और त्याग को याद दिलाते हैं।
पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने अंग्रेजी शासन के दमन के खिलाफ आदिवासी समाज को एकजुट कर ऐतिहासिक आंदोलन की शुरुआत की। उन्होंने जंगल, जमीन और संस्कृति की रक्षा के लिए संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आदिवासी समाज, महिलाओं, युवाओं और ग्रामीण क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए सतत कार्य कर रही है।
