13 जुलाई को परिवार सहित विधानसभा घेराव में शामिल होगा धमतरी जिला, सहकारी समिति कर्मचारियों ने सर्वसम्मति से दिया समर्थन

बर्खास्त एवं एफआईआर झेलने वाले कर्मचारियों का हुआ सम्मान, न्यायिक लड़ाई लड़कर ग्रेच्युटी दिलाने वाले सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी किया गया सम्मानित; लंबित चार सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने का ऐलान

विशेष संवाददाता

धमतरी / छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ एवं छत्तीसगढ़ समर्थन मूल्य धान खरीदी ऑपरेटर महासंघ द्वारा घोषित 13 जुलाई को प्रस्तावित विधानसभा घेराव आंदोलन को लेकर धमतरी जिले के सहकारी समिति कर्मचारियों ने एकजुटता का परिचय देते हुए ऐतिहासिक निर्णय लिया है। जिले में आयोजित बैठक में सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया गया कि धमतरी जिले के समस्त कर्मचारी अपने परिवार सहित एक दिवसीय अवकाश लेकर विधानसभा घेराव में शामिल होंगे तथा आंदोलन को तन, मन और धन से पूर्ण सहयोग प्रदान करेंगे।
बैठक में कहा गया कि कर्मचारियों की वर्षों से लंबित चार सूत्रीय मांगों, धान खरीदी के दौरान हुई कथित सुखत (क्षति) से जुड़े मामलों में कर्मचारियों पर की गई कार्रवाई, अनिश्चितकालीन आंदोलन के दौरान बर्खास्त कर्मचारियों की सवैतनिक बहाली तथा दर्ज एफआईआर को निरस्त किए जाने की मांग को लेकर अब निर्णायक संघर्ष का समय आ गया है।
जिला बैठक में उपस्थित कर्मचारियों ने स्पष्ट कहा कि जब तक कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों का समाधान नहीं होता, तब तक संगठन लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से अपना संघर्ष जारी रखेगा। सभी कर्मचारियों ने एक स्वर में कहा कि 13 जुलाई का विधानसभा घेराव केवल एक आंदोलन नहीं, बल्कि सहकारी समिति कर्मचारियों के सम्मान, अधिकार और भविष्य की रक्षा का अभियान होगा।
बैठक में बताया गया कि रायपुर में आयोजित संयुक्त बैठक में पहले ही यह निर्णय लिया जा चुका है कि प्रदेश के सभी 33 जिलों से लिखित सहमति प्राप्त करने के बाद ही विधानसभा घेराव का आयोजन किया जाएगा। इसी क्रम में धमतरी जिले की बैठक आयोजित की गई, जिसमें सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर प्रदेश नेतृत्व को समर्थन भेजने का निर्णय लिया गया।
बैठक का सबसे भावनात्मक क्षण वह रहा जब अनिश्चितकालीन आंदोलन के दौरान बर्खास्तगी और एफआईआर जैसी कठिन परिस्थितियों का सामना करने वाले कर्मचारियों का सार्वजनिक रूप से सम्मान किया गया। संगठन ने इन कर्मचारियों को संघर्ष का प्रतीक बताते हुए उनका मनोबल बढ़ाया।
सम्मानित कर्मचारियों में रोहित साहू (कोडेबोड़), देवेंद्र साहू (बठेना), खिलेश्वर चंद्राकर (आछोटा), थानेश्वर देवांगन (कुकरेल) तथा नरेंद्र कुमार साहू (छाती) शामिल रहे। इन सभी का गुलाल लगाकर, पुष्पमाला पहनाकर, श्रीफल, साफा तथा भगवान श्रीरामचंद्र जी का चित्र भेंट कर सम्मान किया गया। उपस्थित कर्मचारियों ने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच उनके संघर्ष और साहस को नमन किया।
बैठक में उन सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया जिन्होंने अपने अधिकारों के लिए न्यायालय की शरण लेकर ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की। संगठन ने कहा कि इन कर्मचारियों की कानूनी लड़ाई आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
सम्मानित सेवानिवृत्त कर्मचारियों में राम सेवक साहू (आमदी), गोपाल राम साहू (कुकरेल), अरमान खान (डाही) तथा प्यारेलाल साहू (सिन्हा-आछोटा) प्रमुख रहे। इनका भी पुष्पमाला, गुलाल, साफा, श्रीफल एवं भगवान श्रीरामचंद्र जी के प्रतीक चिन्ह देकर सम्मान किया गया।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि इन कर्मचारियों ने श्रम न्यायालय धमतरी से लेकर उच्च न्यायालय बिलासपुर तक अपने अधिकारों की कानूनी लड़ाई लड़ी और अंततः न्याय प्राप्त किया। इस संघर्ष के परिणामस्वरूप लगभग दस सेवानिवृत्त कर्मचारियों को करीब 50 लाख रुपये की ग्रेच्युटी राशि प्राप्त हुई। इसे सहकारी समिति कर्मचारियों के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया।
वक्ताओं ने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश के बाद मिली यह राहत केवल कुछ कर्मचारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे प्रदेश के हजारों सेवानिवृत्त सहकारी समिति कर्मचारियों के लिए भी न्याय का मार्ग प्रशस्त हुआ है। संगठन ने इसे कर्मचारियों की एकता, धैर्य और कानूनी संघर्ष की बड़ी जीत बताया।
बैठक में उपस्थित कर्मचारियों ने कहा कि सहकारी समिति कर्मचारी वर्षों से किसानों की सेवा, धान खरीदी, खाद-बीज वितरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। इसके बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान समय पर नहीं होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने शासन से मांग की कि कर्मचारियों के साथ न्यायपूर्ण व्यवहार करते हुए लंबित मांगों का शीघ्र समाधान किया जाए।
बैठक में यह भी कहा गया कि संगठन का आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में रहेगा। कर्मचारियों ने प्रदेशभर के सभी सहकारी समिति कर्मचारियों से अपील की कि वे 13 जुलाई को अपने परिवार सहित विधानसभा घेराव में शामिल होकर संगठन की एकजुटता का परिचय दें और अपने अधिकारों की लड़ाई को मजबूती प्रदान करें।
जिला कार्यवाहक अध्यक्ष नरेंद्र कुमार साहू ने बैठक की जानकारी देते हुए कहा कि धमतरी जिले के कर्मचारियों ने सर्वसम्मति से विधानसभा घेराव में भाग लेने का निर्णय लिया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेशभर के कर्मचारी एकजुट होकर अपनी न्यायोचित मांगों के समर्थन में ऐतिहासिक उपस्थिति दर्ज कराएंगे और कर्मचारियों के सम्मान, सुरक्षा तथा अधिकारों की इस लड़ाई को नई दिशा देंगे।