
गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज, पुलिस जांच में जुटी
बिलासपुर। जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर, बिलासपुर में महिला अधिवक्ता प्रार्थना खंडेलवाल के साथ कथित रूप से गाली-गलौज, धमकी एवं अपमानजनक व्यवहार किए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में सिविल लाइन थाना, बिलासपुर में भारतीय न्याय संहिता 2023 की संबंधित धाराओं के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रार्थना खंडेलवाल पेशे से अधिवक्ता हैं और जिला न्यायालय बिलासपुर में नियमित रूप से विधिक कार्य करती हैं। घटना 4 फरवरी 2026 की बताई जा रही है। शिकायत के अनुसार न्यायालय परिसर में कार्य के दौरान आरोपी द्वारा अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया तथा कथित रूप से धमकी दी गई, जिससे पीड़िता को मानसिक पीड़ा हुई।
इन धाराओं में मामला दर्ज
पुलिस ने प्रकरण में
धारा 296,
धारा 351(2) एवं
धारा 356
भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत एफआईआर दर्ज की है।
घटना के बाद अधिवक्ता समुदाय में चिंता का माहौल है। अधिवक्ताओं का कहना है कि न्यायालय परिसर एक संवेदनशील एवं गरिमामय स्थान है, जहां सभी के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।
पुलिस जांच प्रारंभ
सिविल लाइन थाना पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी है। मामले की जांच सहायक उप निरीक्षक द्वारा की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान सभी तथ्यों की निष्पक्षता से पड़ताल की जाएगी तथा विवेचना के निष्कर्षों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
कानून व्यवस्था से जुड़ा मामला
यह घटना न्यायालय परिसर में कार्यरत अधिवक्ताओं की सुरक्षा और कार्य वातावरण से जुड़ी मानी जा रही है। अधिवक्ता संघ से जुड़े सूत्रों का कहना है कि ऐसे मामलों में समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई से ही न्यायिक कार्यप्रणाली की गरिमा बनी रह सकती है।
फिलहाल पुलिस द्वारा मामले की जांच जारी है।
